जीवन परिचय 

नाम-सरिता मैन्दोला

जन्म तिथि-10-06-1968

ग्राम-कफलगैर (वि.खं.वीरोंखाल

वर्तमान निवास-शिब्बू नगर (तड़ियाल चौक)

द्वारिका कालोनी

कोटद्वार पौड़ी गढवाल

शिक्षा-एम.ए.(हिन्दी)

व्यवसाय-शिक्षिका



लेखनकार्य की शुरुआत. 1987 मा एक गढवळि रचना ल्याखि अर द्वी हिन्दी कविता लिखिन

अब तक. जु लिख्यूं............

1-मां सरसुति की प्रार्थना

2-बेटी भ्रूर्ण बचाण पर

3-फौजी की ड्यूटी पर जाणै की बात अर अपणी घर्वळि थै समझाणू

4-सुगम दुर्गम 

5-फौजी की घर्वळि की खैरी|

6-केदारनाथ आपदा

7-घिण्डुड़ि     

8--म्यारु गांव

9-खुदेड़ बसगाळ

10-शिक्षा कु अधिकार-अधिनियम

       यी मेरी मुख्य रचना छिन. बाकी और भी छिन |धाद लोकभाषा एकांश मा बराबर हमर कवि गोष्ठी हूणा रैंदिन होली |  अन्य कार्यक्रम या अन्य अवसरों पर गढवाल सभा मा बि कवि गोष्ठी मा बि प्रतिभाग करदू | 

मेरी कविता,गीत व कहानी हिन्दी अर गढ्वळि द्वीइ भाषों मा सृजित छन।

     जुकि कई पत्र-पत्रिकाओं मा प्रकाशित हुयां छन । 2020 मा उत्तराखंड दूरदर्शन मा बि मिन महिला कवि गोष्ठी मा अपणी रचना 'फौजी'पर लिख्यूं गीत की प्रस्तुति द्या ।विभिन्न,मंचों मा सोशियल मीडिया यूट्यूब व फेसबुक क माध्यम से भी मी अपणी दूधबोली व भाषा तैं बुलण व बचाणक वास्ता बि सब्बी भै,बैण्यूं से विनती कनु छौं।

सामाजिक संस्थाओं  मा जब  बि कब्बी अवसर मिलदू त मि अपणि रचना प्रस्तुत जरूर करदू

श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी की रचना मिथैं बहुत पसन्द छिन अर जब बि मी क्वी प्रशिक्षण मा जान्दू त एकाध गीत जरूर सुणान्दू

खेती-बाड़ी करणू अर नयी-नयी जगा 'डांडी कांठ्यूं मा जाणू भौत अच्छु लगदू,कै तै दुःखी द्यखदू त जक तक मेसे ह्वे सकदू  मदद करण कू प्रयास करदू

2020 मई मा मिथैं 'उत्तराखंड राज्य परिषद विज्ञानअर प्रौद्योगिकी'(UCOST)  द्वारा आयोजित ऑनलाइन कविता  प्रतियोगिता मा मेरी कविता  तै दूसरु नम्बर मिलि  अर संस्था द्वारा मिथैं 3,000 हजार रुप्यों क पुरस्कार बि मिलि |

या कविता लोक संहिता पत्र मा बि प्रकाशित ह्वाई|        

-सरिता मैंदोला 

शिब्बूनगर- तडियालचौक

द्वारिका कालोनी

कोटद्वार -पौड़ी गढवाल

   (उत्तराखंड)

मो.न.-9411179901

ई मेल-saritamaindola1@gmail.com